deriphyllin injection uses in hindi

Dr. Abhishek

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deriphyllin injection uses in hindi

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Deriphyllin Injection उपयोग, फायदे, नुकसान, कीमत क्या है

Deriphyllin injection uses in hindi :  थियोफाइलिइन से बनी जैंथीन्स (Xanthines) नामक दवा से बना है। यह मुख्य रूप से सांस विकार को दूर करने में मदद करता है। डॉक्टर की पर्ची से ही इस इंजेक्शन खरीद सकते हैं।

यह दवाओं का वर्ग ब्रांकोडायलेटर है। इस तरह की दवाओं से वायुमार्ग की मांसपेशियां आराम करती हैं। साथ ही फेफड़ो के मसल्स और श्वसन नली में सुधार करती है। यह साँस लेने के लिए उनका स्पेस बढ़ाता है।

डेरीफाइलिन इंजेक्शन क्या है What Is Deriphyllin Injection

डेरीफाइलिन इंजेक्शन, थियोफाइलिइन और डेटोफाइलिइन से बना एक दवा द्रव्य है। यह वायुमार्ग से जुड़े कई मुद्दों को हल करने में उपयोगी है। इंजेक्शन अक्सर श्वसन विकार से बचाता है।

इस दवा का उपयोग अक्सर क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसऑर्डर और अस्थमा के इलाज में किया जाता है। दवा ब्रांकोडायलेटर की तरह भी काम करती है। इस इंजेक्शन से वायुमार्ग में सूजन कम होती है।

इंजेक्शन के बाद मरीज सांस ले सकता है। ब्रीथिंग समस्याएं बड़ी उम्र की लोगों में अधिक आम हैं। डॉक्टरी सलाह मिलने पर किसी भी उम्र का व्यक्ति इसे लगवा सकता है।

डेरीफाइलिन इंजेक्शन का कार्य How Deriphyllin Injection Works

इंजेक्शन, एक बेहतरीन ब्रांकोडायलेटर की तरह, आसानी से काम करता है। एक प्रकार की दवा ब्रोन्कोडायलेटर्स है। जो फेफड़ों की मांसपेशियों को आराम देता है और वायुमार्ग (ब्रांकाई) को चौड़ा करता है, जिससे सांस लेना आसान होता है।

अस्थमा, वायुमार्ग की सूजन से होने वाली आम फेफड़ों की बीमारी है। इंजेक्शन फेफड़ो की सूजन और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) में प्रभावी होता है।

कॉर्टिकोस्टेरॉइड के प्रभाव को बढ़ाने के लिए ब्रोन्कोडायलेटर्स इंजेक्शन दिए जाते हैं। लंबे समय तक इस इंजेक्शन का उपयोग करने से शरीर की क्षमता कम होती है।

डेरीफाइलिन इंजेक्शन के मुख्य घटक Deriphyllin Injection Content

डेरीफाइलिन इंजेक्शन में अक्सर दो घटक होते हैं। पहले घटक थिओफाइलिन और दूसरे घटक इटोफाइलिन है। अब आप जानते हैं कि यह घटक इंजेक्शन में कितनी मात्रा में होता है।

84.7 मिग्रा थिओफाइलिन और 25.7 मिग्रा इटोफाइलिन

डेरीफाइलिन इंजेक्शन का उपयोग Deriphyllin Injection Uses In Hindi

अनगिनत लाभों से भरपूर डेरीफाइलिन इंजेक्शन कई समस्याओं का समाधान करने में कारगर है। यह आम तौर पर सिर्फ सांस की समस्याओं का इलाज है। मगर अन्य कुछ रोगों में भी इसका उपयोग किया जाता है।

  • अस्थमा की समस्या
  • ब्रोंकाइटिस के दौरान
  • क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीस में
  • सांस लेने में दिक्क्त
  • घबराहट होना
  • खांसी की समस्या
  • छाती में जकड़न

डेरीफाइलिन इंजेक्शन के फायदे Benefits Of Deriphyllin Injection

इस इंजेक्शन को अधिकतर श्वसन समस्याओं से पीड़ित लोग लेते हैं। इंजेक्शन लगवाने से अन्य कुछ स्वास्थ्य लक्षी लाभ भी मिलते हैं।\

(1) अस्थमा का अक्सीर इलाज

दमा, या अस्थमा, वायुमार्ग में आने वाली आम सूजन है। जो अधिकतर बड़ी उम्र के लोगों में दिखाई देता है। भारत में अस्थमा से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

यदि आप अक्सीर अस्थमा का उपचार चाहते हैं तो डेरीफाइलिन इंजेक्शन का उपयोग करें। जैसे हमने ऊपर बताया, दवा ब्रांकोडायलेटर है। इससे हवाई यात्रा में उत्पन्न हुई कई समस्याएं दूर होती हैं।

(2) छाती में जकड़न

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि छाती में भारीपन या जकड़न एक साँस-संबंधी समस्या है। यह समस्या अधिकतर ठंड में दिखाई देती है। सर्दी-जुकाम के कारण छाती में जकड़न अक्सर सात से दस दिनों में ठीक हो जाता है।

Deriphyllin इंजेक्शन देना चाहिए अगर छाती में जकड़न की समस्या बढ़ गई है। यह समस्या इंजेक्शन से आसानी से दूर हो जाती है। तुरंत अच्छे परिणाम मिलेंगे।

(3) COPD के उपचार में

COPPD का पूरा नाम क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीस (COPD) या COPP है। यह एक गंभीर बीमारी है जो फेफड़ो को खराब करती है।

क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीस के उपचर में डेरीफाइलिन इंजेक्शन बहुत फायदेमंद है। बीमारी से सांस लेना मुश्किल होता है। लेकिन इंजेक्शन लेने से सीओपीडी से जुड़े सभी समस्याएं दूर होती हैं।

(4) घबराहट को दूर करे

मेडिकल भाषा में घबराहट या बेचैनी को एंग्जायटी (Anxiety) कहा जाता है। सांस की बीमारी होने पर भी घबराहट होती रहती है। ऐसे समय में आम तौर पर लंबी-लंबी साँसे लेने की सलाह दी जाती है।

जब यह चुनौती अधिक हो तो डेरीफाइलिन इंजेक्शन अच्छा है। यह दवा श्वसन तंत्र को प्रभावित करती है। जिससे डर भी दूर होता है।

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(5) सांस लेने में आसानी

श्वसन संबंधी रोगों का मुख्य कारण वायु प्रदूषण है। धूम्रपान और सिगरेट भी सांस लेने में बाधा डालते हैं। सांस लेने में बार-बार कठिनाई भी एक गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है।

Deriphyllin इंजेक्शन लेने पर सांस लेना आसान होता है। इस दवा से हमारी ब्रीथिंग बेहतर काम करती है। इसे श्वसन लक्षणों वाले मरीजों को बिना हिचकिचाहट बताया जा सकता है।

(6) श्वास नली की सूजन दूर करे

श्वसन नली में सूजन को ब्रॉन्काइटिस विकार कहते हैं। यह बीमारी बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हो सकती है। इस बीमारी में फेफड़ों में संक्रमण तेजी से फैलता है क्योंकि व्यक्ति लगातार खांसी करता रहता है।

ब्रॉन्काइटिस विकार को दूर करने में डेरीफाइलिन इंजेक्शन अच्छा काम करता है। इंजेक्शन के बाद सांस की नली में सूजन आसानी से ठीक हो जाती है। जिससे हम शांत सांस ले सकते हैं।

(7) खांसी की समस्या में राहत

शरीर में किसी बाहरी कीटाणु का संक्रमण खांसी का कारण बनता है। खांसी दो प्रकार की होती है: कफ वाली और सुखी। दोनों खांसी में संक्रमणकारी जीवाणु होते हैं।

उन्हें दूर करने के लिए आप डेरीफाइलिन इंजेक्शन का सहारा ले सकते हैं। अगर खांसी लगातार होती है इसलिए, इस इंजेक्शन से ऐसी जटिल खांसी से भी राहत मिलती है।

(8) एम्फिसीमा

एम्फिसीमा (Emphysema) क्रोनिक अवरोधक फुफ्फुसीय विकार का एक प्रकार है। जो फेफड़ों में हवा की थैली को बढ़ाता है और इससे लोच को भी कम कर देता है। एम्फिसीमा से पीड़ित लोग भी क्रोनिक ब्रोंकाइटिस से पीड़ित होते है।

इन दोनों परिस्थितियों में डेरीफाइलिन इंजेक्शन लगवाना लाभकारक है। बीमारी के कारण डैमेज हुए लंग्स सेल्स को यह इंजेक्शन ठीक करता है। एम्फिसीमा से पीड़ित मरीज इस इंजेक्शन को लगा कर अपनी समस्या का समाधान कर सकते है।

डेरीफाइलिन इंजेक्शन के नुकसान Side Effects Of Deriphyllin Injection

लाभकारी गुणों से भरपूर डेरीफाइलिन इंजेक्शन लगाने पर कई लाभ मिलते हैं। पर इसे गलत दिखाने से कुछ नुकसान भी दिखाई देते हैं।

  • त्वचा पर रेडनेस आना
  • दर्द होना
  • जलन महसूस करना
  • खुजली होना
  • मरोड़ आना
  • मांसपेशियों में दर्द होना
  • सिरदर्द की समस्या
  • अनियमित दिल की धड़कन
  • नींद आना
  • अधिक सुस्ती महसूस करना

डेरीफाइलीन इंजेक्शन लगाते वक्त यह सावधानिया रखे

इंजेक्शन के साइड इफेक्ट्स नहीं होते, इसलिए कुछ सावधानियां रखनी चाहिए।

  • इंजेक्शन लेने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर ले. आप किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं।
  • गर्भावस्था के दौरान इंजेक्शन खतरनाक हो सकते हैं।
  • स्तनपान कराने वाली महिलाएं इसे ले सकती हैं, लेकिन इंजेक्शन के लगभग 3 घंटे तक बच्चे को स्तनपान नहीं देना चाहिए। माता और शिशु दोनों का स्वास्थ्य इंजेक्शन से प्रभावित होता है।
  • इंजेक्शन के बाद शरीर थक जाता है। इंजेक्शन देने के बाद कुछ समय आराम कीजिए।
  • डॉक्टर की सलाह के बिना नियमित रूप से इंजेक्शन लेने से बचें।
  • कम आयु वाले बच्चों को यह इंजेक्शन बहुत देना नहीं चाहिए।

डेरीफाइलिन इंजेक्शन की कीमत Deriphyllin Injection Price

यह दवाई सिरप, टेबलेट और इंजेक्शन तीनो रूप में मौजूद है। इंजेक्शन लगाते है तो इसे स्वास्थ्य निष्णांत द्वारा ही लगवाना चाहिए। इंजेक्शन बहुत ही सस्ते दाम में डॉक्टर की पर्ची द्वारा मिल जाता है।

  • Deriphyllin Injection – ₹6 (2 ml)

आप किसी नज़दीकी मेडिकल स्टोर या हॉस्पिटल से इंजेक्शन ले सकते हैं। इसके अलावा, आप इंजेक्शन ऑनलाइन आर्डर कर सकते हैं।

सवाल जवाब (FAQ)

  1. डेरिफिलिन इंजेक्शन क्या है?
    डेरिफिलिन इंजेक्शन एक दवा है जो दमे के इलाज में उपयोग की जाती है।
  2. डेरिफिलिन इंजेक्शन का कार्य क्या है?
    डेरिफिलिन इंजेक्शन दमे के लक्षणों को कम करने और श्वसन प्रणाली को बेहतर बनाने में मदद करता है।
  3. डेरिफिलिन इंजेक्शन किस तरह से काम करता है?
    डेरिफिलिन इंजेक्शन एक ब्रोन्कोडिलेटर है जो ब्रोन्कोडिलेशन को बढ़ाता है और दमे के लक्षणों को कम करने में मदद करता है।
  4. डेरिफिलिन इंजेक्शन कब इस्तेमाल की जाती है?
    डेरिफिलिन इंजेक्शन गंभीर दमे के उपचार के लिए उपयोगी हो सकती है, जहां अन्य दवाओं से अच्छी प्रतिक्रिया नहीं होती है।
  5. डेरिफिलिन इंजेक्शन का उपयोग किस तरह किया जाता है?
    डेरिफिलिन इंजेक्शन को आमतौर पर मांसपेशियों के नीचे की नसों में दी जाती है।
  6. क्या डेरिफिलिन इंजेक्शन का उपयोग बच्चों में किया जा सकता है?
    हां, डेरिफिलिन इंजेक्शन का बच्चों में उपयोग किया जा सकता है, लेकिन यह केवल चिकित्सक की सलाह पर होना चाहिए।
  7. डेरिफिलिन इंजेक्शन का उपयोग कितने समय तक किया जा सकता है?
    डेरिफिलिन इंजेक्शन का उपयोग औसतन 12-24 घंटे के लिए किया जा सकता है।
  8. डेरिफिलिन इंजेक्शन के साइड इफेक्ट्स क्या हो सकते हैं?
    डेरिफिलिन इंजेक्शन के संभावित साइड इफेक्ट्स में बार-बार मूत्र आना, हृदय द्वारा धक्का खाने की तेजी, चक्कर आना, तेज हड्डी दर आदि शामिल हो सकते हैं।
  9. क्या गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान डेरिफिलिन इंजेक्शन का उपयोग किया जा सकता है?
    डेरिफिलिन इंजेक्शन के गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान उपयोग से पहले चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
  10. क्या डेरिफिलिन इंजेक्शन से एलर्जी का खतरा हो सकता है?
    हां, कुछ लोगों को डेरिफिलिन इंजेक्शन से एलर्जी हो सकती है, इसलिए डेरिफिलिन इंजेक्शन का उपयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

ध्यान दें: इस लेख का उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है और यह चिकित्सा सलाह की जगह नहीं ले सकता। पहले अपने चिकित्सक से परामर्श लें और उनके दिए गए निर्देशों का पालन करें।

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