cataract meaning in hindi

Dr. Abhishek

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cataract meaning in hindi

कटरैक्ट का हिंदी में अर्थ

(cataract meaning in hindi) आँखों की स्वास्थ्य को बनाए रखना हमारे जीवन के एक महत्वपूर्ण पहलू है। हमारी आँखों का सही से काम करना हमें दुनिया को देखने और समझने की अनुभव देता है। हालांकि, कई बार आँखों में किसी बीमारी के कारण हमारी दृष्टि प्रभावित हो सकती है। इसमें से एक ऐसी बीमारी है जिसे हिंदी में “कटरैक्ट” कहा जाता है। यह एक आम आँखी बीमारी है जो उम्रदराज लोगों को प्रभावित कर सकती है और उनकी दृष्टि को कमजोर कर सकती है।

कटरैक्ट की परिभाषा

(cataract meaning in hindi) कटरैक्ट आँखों की एक बीमारी है जिसमें आँख के पोस्टेरियर (पीछे) या आँख के एंटेरियर (आगे) लेंस में सफेदता या धुंधलापन का विकास होता है। यह विकास आँख के लेंस को अस्पष्ट और अच्छी तरह से दृष्टि के लिए प्रभावित करता है। कटरैक्ट से प्रभावित होने वाले लोगों की दृष्टि धीरे-धीरे कमजोर होती है और उन्हें छोटे-छोटे चीजों को पढ़ने और देखने में समस्या हो सकती है।

कटरैक्ट के कारण

कटरैक्ट का मुख्य कारण आँख के लेंस में सफेदता का विकास होना है। यह सफेदता आँख के लेंस की पोस्टेरियर (पीछे) या एंटेरियर (आगे) क्षेत्र में हो सकती है। यह विकास आमतौर पर उम्र बढ़ने के साथ होता है, जबकि कुछ अन्य कारक भी इसमें सहायक हो सकते हैं। निम्नलिखित कारकों के द्वारा कटरैक्ट का विकास हो सकता है:

  1. उम्रदराज: वृद्धावस्था कटरैक्ट के विकास का सबसे प्रमुख कारण है। जब आपकी उम्र बढ़ने लगती है, तो आँखों के लेंस में सफेदता का विकास हो सकता है जिससे कटरैक्ट हो जाता है।
  2. आनुवंशिकता: कटरैक्ट की आनुवंशिकता भी हो सकती है। यदि आपके परिवार के किसी सदस्य को कटरैक्ट हो गया है, तो आपके भी कटरैक्ट होने की संभावना हो सकती है।
  3. रोग या बीमारी: कई बीमारियां और रोग भी कटरैक्ट के विकास को बढ़ा सकते हैं। मधुमेह, उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल, दिल की बीमारियां, आँखों के संक्रमण, आंखों की चोट आदि कटरैक्ट के विकास का कारण बन सकते हैं।
  4. अवसाद या मानसिक तनाव: अवसाद या मानसिक तनाव कटरैक्ट के विकास में भी मदद कर सकते हैं। मानसिक तनाव के कारण आँखों के लेंस पर दबाव पड़ता है और यह सफेदता का विकास कर सकता है।
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कटरैक्ट के लक्षण

कटरैक्ट के विभिन्न लक्षण हो सकते हैं जो निम्नलिखित हैं:

  1. धुंधली दृष्टि: कटरैक्ट के मुख्य लक्षण में से एक है धुंधली दृष्टि। प्रथम चरण में, धुंधलापन धीरे-धीरे बढ़ता है और दृष्टि को अस्पष्ट बनाता है। यह शुरुआत में समय-समय पर होता है और धीरे-धीरे बढ़कर प्रभावित आंख के सारे क्षेत्रों को कवर कर सकता है।
  2. रोशनी की अवरुद्धि: कटरैक्ट से प्रभावित होने पर आंख में रोशनी की अवरुद्धि होती है। आंखों के लेंस में सफेदता के कारण रोशनी आंतरिक आंखी क्षेत्र में प्रवेश करने में समस्या होती है और इससे रोशनी की अवरुद्धि होती है। लंबे समय तक इससे प्रभावित रहने पर रोशनी की अवरुद्धि संक्रमित आंखी क्षेत्र में बढ़ती है और इसके परिणामस्वरूप व्यक्ति को सामान्य रूप से दिनचर्या के कार्यों को करने में समस्या होती है।
  3. आंखों की संवेदनशीलता: कटरैक्ट से प्रभावित होने पर आंखों की संवेदनशीलता में बदलाव हो सकता है। आंखों के लेंस में सफेदता के कारण आंखों की संवेदनशीलता कम हो जाती है और इससे आंखों की स्पष्टता और ताजगी कम हो सकती है।
  4. विकास की गति: कटरैक्ट के विकास की गति व्यक्ति से व्यक्ति भिन्न हो सकती है। किसी को कटरैक्ट का विकास केवल एक आंख में हो सकता है जबकि किसी को दोनों आंखों में हो सकता है। विकास की गति आंख के लेंस के सफेद होने की अवधि पर भी निर्भर कर सकती है।

कटरैक्ट का उपचार

कटरैक्ट के उपचार के लिए विभिन्न विकल्प उपलब्ध हैं, जो निम्नलिखित हैं:

  1. चश्मा या लेंस: कटरैक्ट के आरंभिक स्तर पर, धुंधली दृष्टि को कम करने के लिए चश्मा या लेंस पहना जा सकता है। यह विकल्प अस्थायी होता है और केवल धुंधलापन को कम करने के लिए होता है, लेकिन यह कटरैक्ट को ठीक नहीं करता है।
  2. कटरैक्ट सर्जरी: कटरैक्ट के सबसे सामान्य उपचार में से एक है कटरैक्ट सर्जरी। यह एक सर्जिकल प्रक्रिया है जिसमें कटरैक्ट लेंस को निकालकर एक नया और स्पष्ट लेंस स्थापित किया जाता है। इस प्रक्रिया में स्थानीय या सामान्य चित्ताकर्षक दवाओं का उपयोग किया जा सकता है जो आंख को स्थानीय नंम करते हैं और सर्जरी को सुगम बनाते हैं। कटरैक्ट सर्जरी अधिकांश मामलों में सफलतापूर्वक होती है और इससे रोशनी की स्पष्टता को पुनर्प्राप्त किया जा सकता है।
  3. उच्चतमतम कोई भी उपचार करने से पहले, कटरैक्ट के उपचार के लिए बेहतर सलाह और मार्गदर्शन के लिए एक प्रशिक्षित आँख विशेषज्ञ की सलाह लेना अत्यावश्यक है। आँख के स्वास्थ्य को समय रहते जांचते रहना और नियमित आँख देखभाल करना भी महत्वपूर्ण है।

कटरैक्ट के प्रभाव

(cataract meaning in hindi) कटरैक्ट एक आम आंखी समस्या है जो बढ़ती उम्र के साथ होती है। यह पश्चिमी देशों में आंखी समस्याओं के लिए प्रमुख कारण है और वृद्धावस्था के बाद के जीवन को प्रभावित कर सकता है। यह धुंधलापन, रोशनी की अवरुद्धि, संवेदनशीलता कमी, और दिनचर्या के कार्यों में समस्या पैदा कर सकता है।

आपको स्वच्छता, नियमित आँख देखभाल, स्वस्थ आहार, और संतुलित जीवनशैली की आवश्यकता होती है ताकि आप आंखों को स्वस्थ रख सकें और कटरैक्ट जैसी समस्याओं से बच सकें। आपकी आंखें आपके सामरिक और मानसिक स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, इसलिए उनकी देखभाल करना आवश्यक है।

ध्यान रखें, यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है और यहां दी गई सलाह या उपचार कोई चिकित्सा सलाह नहीं है। आपको हमेशा अपने आँख विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए और वे आपको सही उपचार की सलाह देंगे

ध्यान दें: इस लेख का उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है और यह चिकित्सा सलाह की जगह नहीं ले सकता। पहले अपने चिकित्सक से परामर्श लें और उनके दिए गए निर्देशों का पालन करें।

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