Calcium and Vitamin D3 Tablets Uses in Hindi

Dr. Abhishek

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विटामिन डी3 के फायदे, इसकी कमी के कारण और लक्षण – Vitamin D3 Benefits in Hindi

Calcium and vitamin d3 tablets uses in hindi : अब लोगों को स्वस्थ रहने के बजाय भूख भरने के लिए खाना खाना चाहिए। इससे शरीर में कई पोषक तत्वों की कमी होती है। विटामिन डी3 भी इनमें से एक है। इसकी कमी से लोग ऐसी बीमारियों का शिकार हो जाते हैं, जिनके बारे में देर में पता चलता है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम विटामिन डी3 का महत्व बताते हैं। विटामिन डी3 की कमी के कारणों और लक्षणों को भी बताएंगे। विटामिन डी3 के सभी लाभों और इस लेख के अंत तक पढ़ें।

विटामिन डी3 की कमी क्या है? – What is Vitamin D3 Deficiency in Hindi

कोलेकल्सीफेरोल, विटामिन डी 3 का दूसरा नाम है। यह विटामिन सूरज और पौधों से मिलता है (1)। विटामिन डी3 की कमी शरीर में कम हो जाती है (2)। इसकी कमी से हड्डी कमजोर हो सकती है और हृदय संबंधी रोग हो सकते हैं।

विटामिन डी3 की कमी होने के कारण – Causes of Vitamin D3 Deficiency in Hindi

शरीर में विटामिन डी3 की मात्रा कम होने की कई वजह हो सकती हैं, जिनके बारे में हम आगे बता रहे हैं

  • आहार में विटामिन डी को शामिल न करना
  • भोजन से विटामिन डी लेने के बाद भी शरीर में अवशोषित न होना (मालअब्सॉर्बशन)
  • सूर्य की रोशनी के संपर्क में न आना
  • किडनी और लिवर का शरीर में विटामिन डी को सक्रिय रूप में परिवर्तित न करना
  • कुछ दवाओं के कारण

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विटामिन डी3 की कमी के लक्षण – Symptoms of Vitamin D3 Deficiency in Hindi

विटामिन डी3 की कमी के कुछ संकेत हैं

  • मांसपेशियों में कमजोरी के कारण
  • मांसपेशियों में दर्द
  • जोड़ों में दर्द (Arthralgias)
  • एकदम से मांसपेशियों का अकड़ना  (Muscle twitching)
  • अचानक फ्रेक्चर हो जाना

विटामिन डी3 की कमी के लक्षण के बाद इससे होने वाले फायदों के बारे में जान लेते हैं।

विटामिन डी3 के फायदे – Vitamin D3 Benefits In Hindi

विटामिन डी 3 बहुत अच्छा है। लेख में कुछ फायदे बताए जाएंगे। विटामिन डी का सिर्फ सेवन करने से ये लाभ नहीं मिलेंगे; संतुलित आहार और व्यायाम भी करना चाहिए।

1. हृदय के लिए

विटामिन डी3 हृदय रोग से बचाता है। एक अध्ययन पत्र ने बताया कि विटामिन डी की कमी से हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि शरीर में पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी होने से हृदय स्वस्थ और बीमार रह सकता है । ध्यान दें कि यह सप्लीमेंट दिल की सेहत के लिए अच्छा नहीं है। इसलिए शरीर में विटामिन डी3 की पर्याप्त मात्रा को बनाए रखना हृदय संबंधी बीमारियों से बचाव कर सकता है।

2. रक्तचाप नियंत्रित करने के लिए

यह रक्तचाप को कम करने के लिए काम करता है, जैसा कि एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक अध्ययन में बताया गया है। यह सिर्फ सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर को कम कर सकता है । एक अन्य अध्ययन ने पाया कि उच्च रक्तचाप वाले लोग रक्तचाप को कम करते हैं, लेकिन सामान्य लोगों पर कोई असर नहीं होता।

यह सिर्फ उच्च रक्तचाप और विटामिन डी की कमी से पीड़ित लोगों में सिस्टोलिक और डायस्टोलिक रक्तचाप को कम कर सकता है। यह 50 वर्ष से ऊपर और मोटापे से जूझ रहे लोगों का भी सिस्टोलिक रक्तचाप कम कर सकता है, जैसा कि एक अध्ययन ने बताया । जैसे, विटामिन डी 3 और रक्तचाप के संबंध में कुछ अध्ययनों ने बताया है कि यह रक्तचाप को कम नहीं करता । इसलिए अधिक स्पष्टता के लिए इस विषय पर अधिक अध्ययन की जरूरत है।

3. इम्यूनिटी को बढ़ाए

विटामिन डी 3 का एक अन्य लाभ इम्यूनिटी को बढ़ाना है। विटामिन डी इम्यूनोमॉड्यूलेशन में योगदान देता है । रोग प्रतिरोधक क्षमता का खुद-ब-खुद बढ़ना व कम होना इम्यूनोमॉड्यूलेशन है। साथ ही विटामिन डी शरीर के टी सेल्स और मैक्रोफेज के कार्य को भी बढ़ा सकता है। विटामिन डी3 में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी हैं, इसलिए शरीर को बैक्टीरियल संक्रमण से बचाने में मदद कर सकता है ।

4. कैंसर से बचाव

Calcitriol, विटामिन डी3, एंटी-ट्यूमर प्रभाव देता है। यह प्रभाव ट्यूमर सेल्स को बढ़ा सकता है । नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट ने बताया कि विटामिन डी एंटीकैंसर कार्य कर सकता है। एक अध्ययन के अनुसार, विटामिन डी और कैंसर का खतरा हो सकता है। चूहों की कैंसर कोशिकाओं और ट्यूमर पर हुए अध्ययनों ने पाया कि यह कैंसर के बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है या फिर कैंसर से बचाव कर सकता है । ध्यान दें कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना आवश्यक है। इससे बचने के लिए अपनी डाइट में विटामिन डी3 सहित सभी पोषक तत्वों को शामिल करें।

5. ब्लड शुगर को कम करने के लिए

कुछ अध्ययनों के अनुसार, विटामिन डी की कमी से शरीर में इंसुलिन का स्तर सामान्य से अधिक होता है। इससे डायबिटीज हो सकता है। यही कारण है कि विटामिन डी इंसुलिन को कम करके टाइप 2 मधुमेह से बच सकता है। इस अध्ययन ने यह भी कहा कि इसकी पुष्टि करने के लिए अधिक अध्ययन की जरूरत है ।

टाइप 2 मधुमेह के रोगियों को विटामिन डी सप्लीमेंटेशन देने से इंसुलिन रेसिसटेंस और शुगर से संबंधित हिमोग्लोबिन (HbA1c) में सुधार हो सकता है, एक अन्य अध्ययन में पाया गया है। यही कारण है कि विटामिन डी मधुमेह में एक चिकित्सकीय एजेंट की तरह काम कर सकता है। विटामिन डी मधुमेह जैसे विकारों के उपचार और नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण हो सकता है ।

6. मूड को बेहतर करने के लिए

विटामिन डी 3 के फायदे में मूड को बेहतर करना भी शामिल है। एक रिसर्च पेपर के मुताबिक, विटामिन डी का स्तर कम होने से मूड खराब होना और अवसाद जैसे रोग होने का खतरा हो सकता है। ऐसे में विटामिन डी का सेवन करके मूड को ठीक किया जा सकता है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि विटामिन डी स्वस्थ लोगों में मूड विकार को दूर करने के साथ ही उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रख सकता है

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विटामिन डी3 की कमी से बचने के उपाय – Prevention Tips for Vitamin D3 Deficiency in Hindi

विटामिन डी3 की कमी का कारण ऊपर बताया गया है। उन्हीं कारणों से आत्मरक्षा करके इसकी कमी से बच सकते हैं।

  • विटामिन डी3 को भोजन में शामिल करें।
  • समय-समय पर डॉक्टर से चेकअप करवाते रहें।
  • कुछ देर धूप में बैठें।आप अब विटामिन डी3 का महत्व जानते होंगे। इस विटामिन की कमी से बचने के लिए इसे अपने आहार में जरूर शामिल करें। इससे स्वस्थ रहने और बीमारियों का खतरा कम हो सकता है। विटामिन डी 3 सहित अन्य पोषक तत्वों को नहीं भूलना चाहिए। शरीर हर पोषक तत्व चाहता है। लेख के अंत में विटामिन डी3 से जुड़े कुछ प्रश्नों के जवाब प्राप्त करें।

ध्यान दें: इस लेख का उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है और यह चिकित्सा सलाह की जगह नहीं ले सकता। पहले अपने चिकित्सक से परामर्श लें और उनके दिए गए निर्देशों का पालन करें।

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